Thursday, September 23, 2010

**************SOMETHING FROM HEART **********

सुनो यारो ये दुनिया भी बड़ी अजीव है हम जिस को दिल से चाहते  है बो कीसी और के करीव है . पर मेरा एक दोस्त है जो हमारे दिल के बहुत करीब है में आज आप को बताना चाता हूँ कि ये संसार बहुत से लोगो से भरा पड़ा है कुछ है जो उसमे से दिल ले जाते है और कुछ   गम दे जाते  है ईन लोगो को क्या पता है कि कीसीका दिल तोडना कितना आशान होता है . पर में तो सिर्फ ये ही कहना चाहता हूँ की कोई भी किसी से प्यार न करे .और अगर करे तो किसी को दोस न दे जो कुछ भी बो करेगा बो ये बात को अच्छी तरह जनता है की लोग प्यार को स्वीकारते है प्यार करना बालों को नहीं .
                   .....................आज में अपनी बात को यहीं बिराम देता हूँ. धन्यवाद ........  

Thursday, August 19, 2010

Payar Ki Ek Kahni Suno.............

तुम हो तो सब कुछ हें अगर तुम नहीं  तो कुछ नहीं .मेरा दिल भी कितना पागल है जब भी तुम नजर आते ही कि में सिर्फ एक ही  बात सुचता हूँ कि कब तुम हमारे होगे और कब हम तुम को अपनी दुल्हन  बनायेंगे बस पागल दिल कि तुमसे बेपनाह मोहबत करता है और एक तुम हो कि तुम मेरी तरफ  देखती भी नहीं हो मेरा कोई कसूर नहीं है मेने तो तुम से बस पयार किया है सुबह से शाम ढलने मेरे दिमाग में बस तुम हिम तुम हो और एक तुम हो जो मेरा  दर्द सझती नहीं हो . की कास तुम्हे पता होता की में तुम्हे देख नहीं सकता .आज लग रहा है  की तुम मुझसे बहुत दूर चली गयी हो .बस लोट कर आ जाओ तुम  मेरा दिल कह रहा है बस हम तुम ही एक नयी  दुनिया में रहेंगे जलने दो इस ज़माने को इसका क्या ये तो दर्द ही दे सकता  पयार करना इनकी बस की बात नहीं ये तो सिर्फ नफरत पैदा कर सकते है अगर दुनिया में जीना चाहते हो तो पयार से जियो नहीं तो तुम में और जानवर में कोई फर्क नहीं रह  जाता है .मेरी मेहबोबा को किसी ने मुझ से छीन लिया है  आज मानों मेरा एस  दुनिया से सब कुछ चाला गया नहीं जीना मुझे  मर जाना है ये मेरी दिलरुबा अगर मुझे मालूम होतो की तुम मुझे एसे ही छोड़ के चली जाओगी तो में तुम्हे जरुर लेने आता . और फिर  पर्दा गिरता है उसकी दिल रुबा की सादी कर दी जाती है और बो फिर  अँधा  लड़का येंही गलियों में गुम हो जाता है ओर मेरी आंखे आज भी उस लड़के को तलाश करती  है कास की बो लोट कर आता और उसे कोई समझता के जिसको बो पयार करता था बो भी अंधी थी और बो उसके लिए एक ख़त  छोड़ गयी जिसको मेने लिखा था उस ख़त पर लिखा था की काश में तुम्हे  देख पाती |  

Saturday, May 15, 2010

all the best all my dear friends

mere payare dosto lo a gaya bo din jiska hame kab se intjar tha . sabhi log khob man laga kar padai karo . 

Tuesday, April 13, 2010

mai or mera gawan

मेरे प्यारे दोस्त आज में आप लोगो से रूबरू होने जा रहा हूँ अगर कोई त्रुटी हो जाये तो मुझे माफ़ कर देना |
तो अब देर किस बात कि में आपको ले चलता हूँ मेरे गावं जहाँ पर खेतो में फसल पक चुकी है | बैसाखी का महीना शुरु हो चूका  है  सभी किसान भाई अपने खेतों में लगे हुआ ह .में देख पा रहा हूँ कि बो कितनी मेहनत से ये अनाज पैदा करते है | मन बहुत प्रसन है इन खेतो को देख कर ये धरती  माता हमको कितना प्यार करती है | और जब में आगे चलता हूँ दो देख ता  हूँ कि यह बही जगह है  जहाँ हम कभी  खेला करते थे दोस्तों दे लड़ना खेलना और नए नए बिचार लाना | बो बचपन कि यादे हमें मजबूर करती है  कि काश बो बचपन फिर से आ जाये और हम अपने प्यारे दोस्तों के साथ  खेलें | बो पुराने दिन इन आँखों में आंसु ले आते है और माँ का बो प्यार से गले लगाना भाबी का  लड़ना और मेरा  बईया  से उनकी सिकायत करना के बो दिन हुआ करते थे लिकिन आज में बड़ा हो गया हूँ और फिर से गावं लोट आया हूँ | आज में अपने पुराने दोस्तों  से मिलूँगा बो कितने खुश होंगे | और में इनी शब्दों  के साथ बिराम लेता हूँ | बहुत जल्दी फिर मिलूँगा ...........

Thursday, April 8, 2010

lo me bapas a hi gaya

मेरे दोस्तों लो में बापस आ ही गया आपके मना करने पर भी में नहीं माना मुझे बहुत आनंद आ रहा ह
तो हम चल ते एक नहीं दुनिया  में जहाँ रोमांच और भी बहुत कुछ तो हो जाओ तेयार मेरे साथ sair सपाटा पर  जाने को |

Wednesday, April 7, 2010

मेरा सभी भाइयों को प्यार भरा नमस्कार |
लो अब हुने भी ब्लॉग लिखना सुरु कर दिया हें | और अब में अब लोगो से मुखातिब होता रहूँगा |
और अब लोगो को नई जानकारी देता रहूँगा | फिर हम और आप एक नई दुनिया में प्रबेश करेंगे |
और  में अप्प लोगो से प्राथना करूँगा कि आप लोग मेरा ब्लॉग पड़े और मुझे नही लिखने के लिए प्रोत्साहित करे
धन्यवाद | 

Monday, January 18, 2010

mere pyare dosto

ये  मेरे देश कि सबसे अमूल्य  दरोहर  हें. और मेरे गावं से  नाचते हुए मोर लहराते हुए खेत बो सुन्दर मनमोहक द्रश्य एसे   लगता हें जेसे मनो येहाँ पकृति ने सारे
 रंग भर  दिए हो  |